कानपुर न्यूज डेस्क: दिल्ली के नरेला निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष और बैंक फील्ड मैनेजर विनोद मिश्रा की कानपुर में हुई आत्महत्या की घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। 1 मई को उन्होंने अपनी ससुराल में जहर खा लिया, जिसके बाद अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत से पहले विनोद ने एक ऑडियो रिकॉर्ड कर वायरल किया, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी अनीता उर्फ आरती और ससुराल वालों पर गंभीर प्रताड़ना का आरोप लगाया। उनका कहना था कि ससुराल पक्ष के व्यवहार और पत्नी की विदाई न होने से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया है।
विनोद मिश्रा द्वारा रिकॉर्ड किए गए 6-7 मिनट के वायरल ऑडियो में उनकी हताशा साफ झलक रही है। रोते हुए उन्होंने बताया कि वे मरना नहीं चाहते थे, लेकिन पत्नी और ससुराल वालों ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में न्याय की गुहार भी लगाई थी। हालांकि, जहर खाने के तुरंत बाद उनके दोस्त मनीष ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस दुखद घटना के बाद मृतक के बेटे कार्तिक ने अपनी मां और ननिहाल पक्ष के लोगों को पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए बर्रा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। कार्तिक ने आरोप लगाया कि उसकी मां अक्सर घर के पैसे और जेवर लेकर मायके भाग आती थी। 2 अप्रैल को जब उसके पिता अपनी पत्नी और बच्चों को वापस लेने कानपुर पहुंचे, तो मां ने साथ जाने से इनकार कर दिया और ससुराल वालों ने पिता को भरी पंचायत में बेइज्जत किया। कार्तिक के अनुसार, इसी गहरे अपमान के कारण उसके पिता ने जान दे दी।
घटना के बाद एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है कि विनोद के अंतिम संस्कार में उनकी पत्नी और ससुराल का कोई भी सदस्य शामिल नहीं हुआ। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। डीसीपी डीएन चौधरी ने बताया कि पुलिस के पास वायरल ऑडियो और परिजनों की तहरीर पहुंच चुकी है, जिसके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्यवाही की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद और विदाई से जुड़ी तनातनी का लग रहा है।