कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम संबंध एक खौफनाक हत्याकांड में बदल गया। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को जंगल में दफना दिया। करीब 50 दिन बाद जंगल से कंकाल मिलने पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया। इस केस में पुलिस ने महिला और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाले एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
मामला चौबेपुर इलाके के रौतापुर गांव का है। यहां रहने वाले गोरेलाल का गांव की ही एक विधवा महिला से पिछले चार साल से प्रेम संबंध था। महिला के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और उसके चार बेटियां व एक बेटा है। गोरेलाल का महिला के घर आना-जाना था और वह कई बार रात में भी वहीं रुकता था। बच्चों को भी लगने लगा था कि पिता के न होने पर गोरेलाल ही परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता डरावने मोड़ पर पहुंच गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि गोरेलाल की नजर महिला की 13 साल की बेटी पर थी। उसने महिला पर बेटी से संबंध बनवाने का दबाव डालना शुरू कर दिया और मना करने पर उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी। महिला ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना तो उसने उसे खत्म करने का फैसला कर लिया। डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात महिला ने अपने भतीजे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। वह गोरेलाल को शादी का झांसा देकर मायके ले गई, शराब पिलाई और नशे की हालत में गला घोटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद महिला, उसके भतीजे और एक दोस्त ने शव को करीब 300 मीटर तक घसीटकर जंगल में ले जाकर गड्ढा खोदकर दफना दिया। गोरेलाल के लापता होने पर 2 नवंबर को परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान महिला के व्यवहार और प्रेम संबंधों की जानकारी मिलने पर पुलिस को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ में महिला ने जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर जंगल से कंकाल बरामद किया गया। पूछताछ में महिला ने कहा कि बेटी पर गलत नजर और बेटे को मारने की धमकी वह सहन नहीं कर सकी।