कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में फर्जी एलएलबी डिग्री बेचने वाले गिरोह की जांच के दौरान किदवईनगर थाने में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब पुलिस पूछताछ के लिए बुलाए गए एक अधिवक्ता को छुड़ाने के लिए शहर की महापौर के बेटे और अधिवक्ता अनुराग पांडेय अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच काफी देर तक बहस होती रही।
दरअसल किदवईनगर पुलिस फर्जी एलएलबी डिग्री गिरोह की जांच कर रही है। इस मामले में पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई लोगों के नाम सामने आए थे, जिनमें कुछ अधिवक्ताओं के नाम भी शामिल थे। इसी आधार पर पुलिस ने बाबूपुरवा के अजीतगंज निवासी अधिवक्ता शमशाद अली को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
जैसे ही शमशाद अली के थाने में होने की खबर वकीलों तक पहुंची, कई लोग उन्हें छुड़ाने के लिए किदवईनगर थाने पहुंच गए। इसी बीच महापौर के बेटे और अधिवक्ता अनुराग पांडेय भी अपने साथियों के साथ वहां पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इस दौरान थाने में मौजूद इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार राम और अनुराग पांडेय के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
करीब एक घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने लिखापढ़ी पूरी कर शमशाद अली को जाने दिया। बताया जा रहा है कि इस पूरे विवाद का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें थाने के अंदर बहस होती दिखाई दे रही है।
गौरतलब है कि 18 फरवरी को किदवईनगर पुलिस ने जूही कलां स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन के दफ्तर पर छापा मारकर फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। वहां से नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां बरामद हुई थीं। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश जारी है।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक अधिवक्ता शमशाद अली को सिर्फ पूछताछ के लिए बुलाया गया था और मामले की जांच अभी जारी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।