कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के कल्याणपुर स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हुए हंगामे ने हिंसक रूप ले लिया। परिजनों ने न केवल अस्पताल में तोड़फोड़ की, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया, जिसमें चौकी प्रभारी समेत तीन महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं।
घटना का मुख्य कारण:
इलाज में लापरवाही का आरोप: कन्नौज निवासी गौरव सिंह (35) को पाइल्स (बवासीर) की शिकायत के कारण 9 मई को जीवन ज्योति हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 10 मई की देर रात एक इंजेक्शन लगाने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों की मांग: परिजनों का आरोप है कि 'झोलाछाप' डॉक्टरों के गलत इलाज की वजह से गौरव की जान गई। उन्होंने अस्पताल संचालक विक्रम और अजीत के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करने और अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग की।
पुलिस पर हमला और हिंसा:
वर्दी फाड़ी और मारपीट: सोमवार शाम जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, तो परिजन उग्र हो गए। महिलाओं ने पनकी रोड चौकी इंचार्ज विपिन मोरल को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनकी वर्दी फाड़ दी।
महिला पुलिसकर्मी घायल: बीच-बचाव करने आईं महिला दरोगा सुचि अग्रवाल, रुचि और एक महिला कांस्टेबल के साथ भी मारपीट की गई। भीड़ ने महिला पुलिसकर्मियों को दांतों से काट लिया, जिससे वे घायल हो गईं।
प्रशासनिक कार्रवाई:
डीसीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस रुकी: हमले की सूचना मिलते ही डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी और एसीपी आशुतोष कुमार भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
हिरासत और रिहाई: पुलिस ने मौके से 6 महिलाओं और 4 पुरुषों को हिरासत में लिया, हालांकि देर रात महिलाओं को छोड़ दिया गया।
जांच: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अस्पताल के खिलाफ मिली तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।