कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद धंसे हिस्से की मरम्मत का काम अभी भी जारी है। इस बीच सड़क की गीली सतह और नीचे की मिट्टी को सुखाने के लिए हाई-पावर इलेक्ट्रिक पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मरम्मत स्थल की तस्वीरों में सड़क किनारे बड़े-बड़े पंखे लगाए गए हैं, ताकि मिट्टी में मौजूद नमी खत्म होने के बाद मरम्मत का काम तेजी से पूरा किया जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की परतों में पानी भर गया, जिससे मिट्टी कमजोर हो गई और सड़क का एक हिस्सा धंस गया। इसी वजह से पहले नमी को पूरी तरह हटाया जा रहा है, ताकि दोबारा ऐसी समस्या न हो।
मरम्मत कार्य के चलते फिलहाल कानपुर और लखनऊ के बीच दोनों दिशाओं का ट्रैफिक एक ही लेन से संचालित किया जा रहा है। सड़क पर भारी मशीनें भी काम कर रही हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। कई वाहन चालकों का कहना है कि टोल चुकाने के बाद उन्हें एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा से गुजरना पड़ रहा है।
यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि टोल प्लाजा पर उन्हें पहले से ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि अगर पहले सूचना मिल जाती, तो वे दूसरा रास्ता चुन सकते थे। डायवर्जन की वजह से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है और वाहन चालकों में चालान को लेकर भी संशय बना हुआ है।
बारिश के बाद सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि जिस जगह सड़क धंसी है, वहां कुछ समय पहले भी मरम्मत की गई थी। इसके अलावा हालिया बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के सात-आठ अन्य स्थानों पर भी सड़क की ऊपरी सतह खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं।