कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक इस बार कई महत्वपूर्ण निर्णयों के चलते चर्चा में रही। ब्रजेन्द्र स्वरूप पार्क में बने मंगल भवन के किराए को गरीब वर्ग के लिए घटाकर मात्र 11 हजार रुपये करना सबसे बड़ा फैसला रहा। मेयर प्रमिला पांडेय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा कि अब कम आय वाले परिवार भी आसानी से सामाजिक समारोह आयोजित कर सकेंगे। वहीं ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों के लिए शुल्क 51 हजार रुपये तय किया गया है। नगर निगम खुद भवन का संचालन करेगा, जिससे पहले मिलने वाली शिकायतें भी खत्म होंगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।
बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय प्रकाश जायसवाल के सम्मान में एक सड़क और पार्क का नामकरण करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पास किया गया। उनकी प्रतिमा लगाने का सुझाव भी आया है, जिसे शासन स्तर पर भेज दिया गया है। बैठक में कई पार्षदों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और समस्याओं पर चर्चा की, जिन पर मेयर ने कार्यवाही का भरोसा दिलाया। इससे स्थानीय स्तर पर भी सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
नगर निगम की बारातशालाओं पर लंबे समय से कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। इसे देखते हुए निर्णय लिया गया कि पहले सभी बारातशालाएं कब्जा मुक्त कराई जाएंगी और फिर इनके संचालन को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर चलाया जाएगा। इस कदम से न केवल बारातशालाओं की हालत सुधरेगी बल्कि निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी। पीपीपी मॉडल से बेहतर व्यवस्था और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
सर्दी के मौसम को देखते हुए मेयर ने कहा कि वह स्वयं शहर के रैन बसेरों का निरीक्षण करेंगी। उनकी प्राथमिकता है कि बेघर और जरूरतमंद लोगों को ठंड में किसी तरह की दिक्कत न हो। रैन बसेरों में कंबल, गर्म कपड़े, भोजन और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी। नगर निगम की बैठक में लिए गए ये फैसले आने वाले दिनों में शहर की जनता, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकते हैं।