कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के धंसने के बाद एनएचएआई की कार्रवाई को लेकर पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने शेयर बाजार को सफाई दी है। कंपनी ने एनएसई और बीएसई को भेजे पत्र में कहा है कि उसे एनएचएआई ने न तो डिबार किया है और न ही ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित किया है। कंपनी के मुताबिक, इस मामले से उसके कारोबार या नई परियोजनाओं के लिए बोली लगाने की क्षमता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
पीएनसी इंफ्राटेक ने बताया कि संबंधित एक्सप्रेसवे का निर्माण उसकी सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड ने किया है। कंपनी के अनुसार, परियोजना का निर्माण पूरा हो चुका है और इसका अस्थायी पूर्णता प्रमाणपत्र 1 अक्टूबर 2025, जबकि अंतिम पूर्णता प्रमाणपत्र 2 फरवरी 2026 को जारी किया गया था। परियोजना की कुल लागत करीब 1,513 करोड़ रुपये बताई गई है।
कंपनी ने कहा कि हाल में हुई लगातार भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित सड़क की कुल लंबाई करीब 300 मीटर है, जो पूरे एक्सप्रेसवे की लंबाई के 0.5 प्रतिशत से भी कम है। पीएनसी के मुताबिक, प्रभावित हिस्सों की मरम्मत और सुधार का काम तुरंत शुरू कर दिया गया था।
पीएनसी इंफ्राटेक ने यह भी दावा किया कि मरम्मत का काम चलने के बावजूद एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारु रूप से जारी है। कंपनी ने 6 अगस्त को भेजे अपने स्पष्टीकरण में कहा कि मौजूदा स्थिति का उसके कारोबार और भविष्य की परियोजनाओं में भागीदारी पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव नहीं है।