कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सचेंडी थाना क्षेत्र के भैरमपुर गांव के एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का गंभीर मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने उसके चचेरे भाइयों पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाते हुए इसे ही मौत की मुख्य वजह बताया है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
परचून की दुकान से शुरू हुआ विवाद:
मारपीट का आरोप: भैरमपुर गांव के रहने वाले किसान रामचंद्र उर्फ नंदू का छोटा बेटा शिवम गांव की ही एक परचून (किराना) की दुकान पर गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद उसके चचेरे भाई और तीन-चार अन्य लोगों के साथ किसी बात को लेकर शिवम का विवाद हो गया। इस दौरान आरोपियों ने शिवम के साथ जमकर गालीगलौज की और उसके साथ मारपीट की।
घर आकर दोबारा विवाद: स्थानीय लोगों के बीच-बचाव के बाद शिवम किसी तरह अपने घर लौट आया। लेकिन आरोप है कि हमलावर इतने पर ही नहीं रुके; वे पीछे-पीछे शिवम के घर तक पहुंच गए और वहां भी दोबारा विवाद व प्रताड़ित करने लगे। इस घटना से बेहद आहत होकर शिवम अपने बड़े भाई सोनू के पास पनकी (जहां सोनू एक फैक्ट्री में काम करता है और किराये पर रहता है) चला गया।
पनकी में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत:
पनकी जाने के बाद से ही शिवम की तबीयत लगातार खराब होने लगी। वह शारीरिक और मानसिक रूप से इतना टूट चुका था कि बिस्तर से उठने की स्थिति में भी नहीं था। शुक्रवार को अचानक उसके पेट या शरीर में तेज दर्द शुरू हुआ और उसकी हालत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और प्रशासन का रुख:
इस मामले पर सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि:
पुलिस को अभी तक पीड़ित परिवार की तरफ से कोई लिखित तहरीर (शिकायत) प्राप्त नहीं हुई है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट और परिजनों से मिलने वाली लिखित तहरीर के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई (मुकदमा दर्ज) की जाएगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है।