कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के किदवई नगर में हुए दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी शशिरंजन मिश्रा अब पुलिस की गिरफ्त में है। इस मामले में उसकी पत्नी रेशमा के चौंकाने वाले खुलासे और पुलिस द्वारा जुटाए गए पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों ने आरोपी की घेराबंदी और कड़ी कर दी है। पुलिस इस मामले में मात्र 15 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।
वारदात के पीछे सोची-समझी साजिश:
पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि यह हत्याकांड कोई आवेश में उठाया गया कदम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी। शशिरंजन ने हत्या में इस्तेमाल किया गया स्टील का चापड़ वारदात से पांच दिन पहले ही मूलगंज से ₹500 में खरीदा था। इस हथियार की पहले से की गई खरीदारी ही अदालत में साजिश (Pre-meditated murder) को साबित करने का सबसे बड़ा आधार बनेगी। इसके अलावा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के शुरुआती निष्कर्षों से संकेत मिले हैं कि मासूम बच्चियों को मौत के घाट उतारने से पहले उन्हें कोई नशीला पदार्थ दिया गया था।
पत्नी के खुलासे और गवाहों के बयान:
आरोपी की पत्नी रेशमा ने बताया कि शशिरंजन शराब और नशीली दवाओं का बुरी तरह आदी हो चुका था। वह अक्सर घर पर ही अपने मेडिकल क्षेत्र के दोस्तों के साथ शराब और नॉन-वेज पार्टियां करता था और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाता था। इस केस में रेशमा के साथ-साथ अपार्टमेंट का सुरक्षा गार्ड प्रेमनारायण और नौकरानी अमरावती प्रमुख गवाह हैं। इन तीनों के बयानों से घटना से पहले के घरेलू हालात और आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
पुख्ता वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य:
पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ सबसे मजबूत सबूत घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज हैं, जो वारदात के समय उसकी मौजूदगी और गतिविधियों को स्पष्ट करते हैं। साथ ही, मौके पर किए गए बेंजीडाइन टेस्ट (Benzidine Test) में शशिरंजन के हाथों और कपड़ों पर खून के निशान मिले हैं। आरोपी ने खुद भी अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिससे पुलिस का पक्ष और मजबूत हो गया है।
नौबस्ता थाना प्रभारी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, चश्मदीदों के बयान और हथियार की बरामदगी को मिलाकर एक ऐसा केस तैयार किया जा रहा है जिससे आरोपी का बच निकलना नामुमकिन होगा।