कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में 20 लाख रुपये की रंगदारी और अपहरण के मामले में एक शातिर अपराधी खुद ही अस्पताल पहुंच गया। दरअसल, पुलिस जब आरोपी को पकड़ने उसके घर पहुंची तो वह घबराकर छत से कूद गया, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी पर पिस्टल के बल पर युवक को अगवा कर रातभर बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप है।
पीड़ित युवक की मां सुनीता सचान के मुताबिक, 7 दिसंबर की रात उनका बेटा प्रियांशू सचान बर्रा इलाके में एक चाय की दुकान पर था, तभी कुख्यात अपराधी मोनू सचान वहां पहुंचा। मोनू ने पिस्टल सटाकर प्रियांशू को जबरन बाइक पर बैठा लिया। उसके साथ कई अन्य साथी भी थे, जो अलग-अलग बाइकों से पीछे चल रहे थे। आरोपी युवक को एक कमरे में ले गए, जहां पूरी रात उसकी पिटाई की गई और 40 लाख रुपये की मांग की गई।
परिजनों का आरोप है कि प्रियांशू पहले ही 20 लाख रुपये दे चुका था, जिसे उसने जेवर बेचकर और प्लॉट बेचकर जुटाया था। जब वह बाकी रकम देने में असमर्थ रहा तो आरोपियों ने उसे पिस्टल थमाकर आत्महत्या करने के लिए कहा। इसी दौरान उस पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर चोट आई। किसी तरह जान बचाकर वह वहां से भाग निकला और घर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया।
एफआईआर के बाद पुलिस जब आरोपी मोनू सचान के घाटमपुर स्थित घर पहुंची तो वह अपने साथियों के साथ शराब पी रहा था। पुलिस को देखते ही सभी भागने लगे। इसी दौरान मोनू छत से कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक अन्य आरोपी कृष्णा सैनी को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मोनू पर पहले से 12 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह लगातार पीड़ित से रंगदारी वसूल रहा था।