कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से छह लोगों को टक्कर मारने के आरोपी कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के महज सात घंटे के भीतर जमानत मिल गई। पुलिस ने उसे गुरुवार सुबह करीब 8 बजे घर के बाहर से गिरफ्तार किया था। मेडिकल के बाद उसे AJCM कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने 14 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन अदालत ने यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी कि सभी धाराएं जमानती हैं। 20 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर उसे रिहा कर दिया गया।
कोर्ट में पेशी के दौरान शिवम बीमार नजर आया और उसके हाथ में वीगो लगी थी। बाहर मीडिया द्वारा वीडियो बनाए जाने पर वह नाराज भी दिखा। पुलिस का दावा था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और एंबुलेंस से भागने की सूचना के आधार पर उसे पकड़ा गया।
हादसे के बाद कारोबारी केके मिश्रा ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की। उन्होंने पहले दावा किया था कि गाड़ी शिवम नहीं चला रहा था। हालांकि मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने स्पष्ट किया कि जांच में पुष्टि हुई है कि कार शिवम ही चला रहा था। इस बयान पर कारोबारी ने आपत्ति जताई थी।
इसी बीच एक अन्य व्यक्ति मोहन ने कोर्ट में सरेंडर कर दावा किया कि हादसे के समय वही कार चला रहा था, लेकिन अदालत ने उसकी अर्जी खारिज कर दी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।