कानपुर न्यूज डेस्क: सीबीएसई बोर्ड 10वीं के परिणाम घोषित होते ही कानपुर के शैक्षणिक गलियारों में उत्सव सा माहौल छा गया। डीपीएस आजाद नगर और सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर जैसे प्रमुख स्कूलों में मेधावियों का जमावड़ा लगा रहा, जहाँ छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी सफलता साझा की। इस वर्ष शहर के विद्यार्थियों ने न केवल उच्च अंक प्राप्त किए, बल्कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
अविका और अवनी ने लहराया परचम:
डीपीएस आजाद नगर की अविका अग्रवाल ने 99.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शहर का मान बढ़ाया। वे भविष्य में आईआईटी से बीटेक करने के बाद इसरो में शोध या सिविल सेवा में जाने का सपना रखती हैं। वहीं, सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर की अवनी मिश्रा ने 99.2 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। गिटार और लेखन में रुचि रखने वाली अवनी ने परीक्षा के दौरान प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की सेल्फ स्टडी को अपनी सफलता का आधार बताया।
चुनौतियों को मात देकर पाई सफलता:
कानपुर के इन परिणामों में कुछ प्रेरक कहानियाँ भी सामने आईं। डीपीएस आजाद नगर के छात्र कुलय भारद्वाज पांडेय, जो 'सेरेब्रल पाल्सी' (CP) से ग्रसित होने के साथ-साथ दृष्टिबाधित भी हैं, उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से 83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसी तरह, सर पदमपत सिंहानिया की प्रगति शुक्ला ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। प्रगति की माँ पिछले एक वर्ष से गंभीर बीमारी (स्पाइनल इंजरी) से जूझ रही हैं, इसके बावजूद प्रगति ने अपनी मेहनत से माता-पिता की आँखों में खुशी के आँसू ला दिए।
अनुशासन और तकनीक से दूरी बनी कुंजी:
परीक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक लाने वाली पारज अरोड़ा ने बताया कि उनकी सफलता का राज सोशल मीडिया से दूरी और नियमित 9 से 10 घंटे की पढ़ाई रही। शहर के विभिन्न स्कूलों जैसे डीपीएस कल्याणपुर और चिन्टल्स स्कूल में भी छात्रों ने शिक्षकों के साथ अपनी जीत का जश्न मनाया। शिक्षकों के अनुसार, यह परिणाम छात्रों के कड़े अनुशासन, नियमित अभ्यास और अभिभावकों के अटूट समर्थन का प्रतिफल है, जिसने कानपुर को शिक्षा के क्षेत्र में फिर से अग्रणी साबित किया है।