कानपुर न्यूज डेस्क: सखरेज गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। गांव के लोग साइकिल, बाइक और ट्रैक्टर के सहारे दूर-दराज से पानी ढोने को मजबूर हैं। सुबह होते ही पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान नजर आते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले दो वर्षों से वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर मुद्दे को लेकर लापरवाही बरत रहा है।
गांव में पाइपलाइन और हैंडपंप की हालत बेहद खराब है, जिससे पानी की उपलब्धता और भी कम हो गई है। जल संकट के कारण रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है और लोगों का गुस्सा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।
स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आगामी चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। इस ऐलान के बाद प्रशासन पर दबाव तो बढ़ा है, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।