कानपुर न्यूज डेस्क: यह मामला एक वैवाहिक धोखे और भावनात्मक शोषण की दिल दहला देने वाली कहानी है। शादी के शुरुआती महीनों में पति की दूरी और बिस्तर के बीच तकिया रखने जैसी अजीब आदतों ने पत्नी को असमंजस में डाल दिया था। सच्चाई तब सामने आई जब महिला के हाथ पति की एक गुप्त मेडिकल फाइल लगी। उस फाइल ने यह खुलासा किया कि पति की दोनों किडनियां खराब हैं और वह चोरी-छिपे डायलिसिस करवा रहा था। पत्नी का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने इस गंभीर बीमारी को छिपाकर न केवल उसे अंधेरे में रखा, बल्कि उसकी पूरी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया।
सच्चाई उजागर होने के बाद स्थिति सुधरने के बजाय और भयावह हो गई। जब युवती ने इस धोखे का विरोध किया, तो पति ने सहानुभूति दिखाने के बजाय एक क्रूर शर्त सामने रख दी। उसने पत्नी से अपनी एक किडनी दान करने या नई किडनी खरीदने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की। पति का कहना था कि यदि वह यह मांग पूरी कर देती है, तो वह उसे छोड़कर दूसरी शादी करने के लिए स्वतंत्र कर देगा। यह मांग एक जीवनसाथी के प्रति संवेदनशीलता के बजाय किसी सौदेबाजी की तरह थी, जिसने रिश्ते की बची-कुची गरिमा भी खत्म कर दी।
विवाद बढ़ने पर ससुराल वालों ने सुलह करने या गलती मानने के बजाय युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने उसे मायके भेज दिया और साफ कह दिया कि वह घर तभी वापस आ सकती है जब वह किडनी या 30 लाख रुपये का इंतजाम करे। कई बार पुलिस की मौजूदगी में समझौते के प्रयास किए गए, लेकिन ससुराल पक्ष अपनी अनैतिक मांगों पर अड़ा रहा। इसके परिणामस्वरूप बातचीत के सारे रास्ते बंद हो गए और मामला कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ गया।
अंततः, पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उसने उन पर धोखे से शादी करने और दहेज के रूप में भारी रकम मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय पुलिस और एसीपी अभिषेक पांडे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और गहन जांच जारी है। यह घटना समाज में वैवाहिक पारदर्शिता की कमी और बीमारी के नाम पर होने वाले उत्पीड़न के काले पक्ष को उजागर करती है।