कानपुर न्यूज डेस्क: शहर के एक प्रमुख कारोबारी समूह पर आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार दोपहर शुरू हुआ सर्वे गुरुवार को भी चलता रहा। 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद 11 में से दो स्थानों पर जांच पूरी कर ली गई है, जबकि शेष नौ ठिकानों पर करीब 55 अधिकारी दस्तावेजों की गहन जांच में जुटे हैं। शुरुआती पड़ताल में स्टॉक और खातों के बीच बड़े अंतर की आशंका जताई जा रही है।
आयकर विभाग की टीम ने एक साथ नयागंज, दालमंडी, गुमटी, स्वरूप नगर, पीरोड और लाल बंगला सहित 11 व्यावसायिक ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इन स्थानों पर शोरूम, गोदाम और कार्यालय संचालित हो रहे हैं। संबंधित समूह कपड़ा कारोबार के अलावा रियल एस्टेट, डिटर्जेंट पाउडर और साबुन के व्यवसाय से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने खरीद-बिक्री के बिल, स्टॉक रजिस्टर, बैंक लेनदेन, कैश बुक और अन्य वित्तीय अभिलेखों का मिलान शुरू किया है। आय-व्यय के ब्योरे और घोषित स्टॉक की वास्तविक उपलब्धता को लेकर जिम्मेदार पदाधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर सामने आया है।
टीम ने डिजिटल साक्ष्यों पर भी फोकस किया है। कार्यालयों में मौजूद कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा खंगाला जा रहा है, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड और कागजी दस्तावेजों का मिलान किया जा सके। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जांच कई अहम खुलासों की ओर इशारा कर रही है।