कानपुर न्यूज डेस्क: होली के त्योहार पर शहर में रंग और उत्साह के साथ-साथ लापरवाही भी भारी पड़ती नजर आई। कानपुर में होली के दौरान हुड़दंग और सड़क हादसों के कारण बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। शहर के प्रमुख एलएलआर (हैलट) अस्पताल की इमरजेंसी में दो दिनों के भीतर 121 से अधिक घायलों को भर्ती करना पड़ा।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सबसे ज्यादा मरीज सड़क दुर्घटनाओं और आपसी विवाद में घायल होने वाले थे। त्योहार को देखते हुए इमरजेंसी में पहले से अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे, जिससे घायलों को तुरंत इलाज मिल सका। गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए रेड जोन तैयार रखा गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें संबंधित वार्डों में भर्ती किया गया।
4 मार्च को होली के दिन सबसे ज्यादा भीड़ अस्पताल में देखने को मिली। इस दिन मेडिसिन विभाग में 29 मरीज भर्ती हुए, जबकि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण 22 मरीजों को न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती करना पड़ा। इसके अलावा बाल रोग में 7, आर्थो में 8, चेस्ट में 6, गायनी में 5, न्यूरोलॉजी में 5 और सामान्य सर्जरी में 5 मरीजों का इलाज शुरू किया गया। अगले दिन 5 मार्च को भी घायलों का आना जारी रहा, जिसमें मेडिसिन में 13, आर्थो में 5, न्यूरो सर्जरी में 5 और बाल रोग विभाग में 3 मरीज भर्ती किए गए।
एलएलआर अस्पताल के अलावा शहर के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी घायलों की भीड़ रही। उर्सला अस्पताल में 22 और कांशीराम अस्पताल में 17 घायल पहुंचे। कई मरीजों को सिर और हड्डियों में गंभीर चोट के कारण बेहतर इलाज के लिए हैलट अस्पताल रेफर करना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले 27 लोगों को सिर में चोट लगी, जबकि 13 लोगों की हड्डियां टूट गईं। वहीं केमिकल युक्त रंगों के कारण करीब 15 लोगों की आंखों में कॉर्नियल इंजरी के मामले भी सामने आए।